पार्श्व एकादशी 2025 का रहस्य: भगवान विष्णु की करवट से जानें!
नमस्कार भाईसाहब, बहन जी, बिटिया और बेटा 🙏
पार्श्व एकादशी, जिसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है, वह दिन है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में करवट बदलते हैं। यह केवल करवट नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड का परिवर्तन है। इसी दिन से वामन भगवान का अवतार और दैत्यराज बलि की कथा भी जुड़ी है।
✨ व्रत तिथि व समय (Parshva Ekadashi 2025):
🪔 एकादशी प्रारंभ – 3 सितम्बर 2025, प्रातः 3:53 AM
🪔 एकादशी समाप्त – 4 सितम्बर 2025, प्रातः 4:21 AM
✨ पारण का समय (4 सितम्बर 2025):
🕐 1:36 PM से 4:07 PM तक (हरिवासर समाप्ति – 10:18 AM के बाद)
इस व्रत का पालन करने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है, पाप क्षीण होते हैं और घर-आँगन में श्री विष्णु व लक्ष्मी का वास होता है।
इस पावन दिन पर तुलसी अर्चन, विष्णु पूजन, वामन कथा श्रवण और अन्न दान विशेष पुण्यकारी माना गया है।
🙏 आइए, इस कथा से सीखें कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, समर्पण और भक्ति के आगे उसका अंत निश्चित है।
📿 पूरी कथा सुनिए और कमेंट में लिखना न भूलें — “जय श्री वामन भगवान”
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