आने वाली 26 दिसंबर को सफला एकादशी है, लेकिन एकादशी का प्रारंभ 25 दिसंबर को रात 10:29 बजे से होगा। इस दिन चावल न खाएं और दीप दान अवश्य करें। पद्म पुराण में भगवान श्री कृष्ण ने इस एकादशी की महिमा बताते हुए कहा है कि इस दिन तुलसी और पीपल के पास घी का दीपक जलाना चाहिए। यह एकादशी व्रत अद्भुत सफलता प्रदान करती है और इसका पुण्य राजसूय याग के बराबर होता है। 27 दिसंबर सुबह 7:12 से 9:16 के बीच व्रत का पारण करें। व्रत के दिन बाजारू टूथपेस्ट और दंतमंजन का प्रयोग न करें। फल और दूध पर रहकर व्रत का पालन करें और पूर्ण लाभ प्राप्त करें। हरे कृष्णा।